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" जीतने वाले छोड़ते नहीं और छोड़ने वाले जीतते नही "

Friday, September 19, 2014

ये दिल मशगूल है....

जो रूबरू हुआ
उसने फिर से डोरे डाले मेरे तन्हाई पे,
शुक्रिया इस दिल का जो रूबरू हुआ,
उस रेशमी चिकनाई से,
रस्मे रिवाजो और जुदाई से परे,
ये दिल मशगूल है अपने तन्हाई में।  
                                 :-अमित राय 

Thursday, September 18, 2014

नशीली है नयन...

खुली है जुल्फें तुम्हारी,
नशीली है नयन भी।
कही आज,
क़त्ल करने का इरादा तो नही। 
                                      :- अमित राय 

Tuesday, September 9, 2014

वादी-ए- इश्क़


वादी-ए- इश्क़ में नाकाम हुये हम,
वफ़ा करने आये थे इन बेवफ़ाओ की दुनिया में,
इन बेवफ़ाओं ने मुझे भी बेवफ़ा बना दिया।
                                              अमित राय 

Wednesday, August 27, 2014

अपनी दिल की बात..............

अपनी दिल की बात,सिर्फ अपनों से कर रहा हूँ,
दोस्तों की शिकायत है की बहुत भाव खा रहा हूँ,
मिलने की चाहत हमें भी उतना ही जितना उनको,
कोई बतला दो उनको कि मैं बहुत जल्द आ रहा हूँ।  

वास्तविकता

लोग कहते है की मै बदल गया हूँ,मगर
वास्तविकता ये है की मै संभल गया हूँ।

Monday, June 16, 2014

इक चिड़िया...


इक चिड़िये की आँखों से,हमने ख्वाब देखे थे,
सच होगा सपना अपना,हम ऐसा साथ सोचे थे,
चिड़िया उड गई,अपने सपनो के साथ,
छूट गए मेरे ख्वाब,मेरे तन्हाई के साथ।  
  (:-अमित राय )