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" जीतने वाले छोड़ते नहीं और छोड़ने वाले जीतते नही "

Tuesday, April 30, 2013

मुझे वादा तोड़ने नही आया...


किये वादे को भुलाने नही आया,
ख़ुशी चाहते थे,मगर गम छिपाने नही आया,
तुम्हारी और मेरी कहानी में फर्क इतना है,
तुम्हे वादा निभाने नही आया,
और मुझे वादा तोड़ने नही आया ! (अमित राय)

Sunday, April 21, 2013

तेरी हर किरदार झूठी है !


अब तो हमारी बातें भी झूठी है,
अब हमारी शान भी झूठी है,ये दोस्त मगर ये न भूल,की तेरी हर किरदार झूठी है !
                                 अमित राय

Thursday, April 18, 2013

मैं मौन हूँ......




मैं मौन हूँ,मुझे मौन रहने दो,
मैं महफ़िल से दूर हूँ,मुझे दूर रहने दो,
मैं दुनिया को नही समझना चाहता,मुझे नासमझ रहने दो,
मैं मौन हूँ,मुझे मौन रहने दो!(अमित राय)

Wednesday, April 17, 2013

ऐसा ही हूँ...



जैसा था,एक दम वैसा ही हूँ,
जैसे तेरे साथ था,वैसे आज भी हूँ,
कोई फर्क नही पड़ा,
तेरे जाने का या, किसी और के आने का,
मैं ऐसा ही था,ऐसा ही हूँ .......!(अमित राय)

Tuesday, April 16, 2013

ये जिन्दगी

संवेदना भरी इक कहानी बनी जिन्दगी,
तेरी रूप की जीवित कहानी बनी जिन्दगी,
दिल में न सही,
तेरे दिमाग में हमेशा रहेगी ये जिन्दगी,
तेरी-मेरी कहानी बनी ये जिन्दगी !

Sunday, April 14, 2013

वो सारे sms...


Delete  कर दिये वो सारे sms,
जो तुमने किये थे send मुझे,
जो अब तक था,
save मेरे inbox में,
घुल गये,मिल गये,
हवा में अब हो के delete....... (अमित राय)

Saturday, April 13, 2013

नींद नही आयी,



रात में सोया,मगर नींद नही आयी,
आँखों में आपकी तस्वीर बन गयी,
हम युही बैठे थे,आइना के सामने,
देखा आँखों में आँसुओ की लकीर बन गई !  
                                                    अमित राय

मेरा नाम है "अमित"


मन बहलाने के लिये,बने हम बहुतों के मित,
सबने मुझे एहसास दिलाया,की मेरा नाम है "अमित" ....:(
                                       अमित राय

Monday, April 8, 2013

तुम्हरा चेहरा....


चेहरे तो कई देखे हमने,
पर तुम्हरा चेहरा कई बार देखे,
हर बार तुम्हरा इक नया चेहरा,
हम इक नये आँखों से देखें ....!
                                          अमित राय  

Sunday, April 7, 2013

ये प्यार बदली

कभी सोचा ना था,की आपको भुला पायेंगे,
मगर समय बदला,जज्बात बदली,
हमारी और आपकी ये मुलाकात बदली, 
    मौसम के साथ-साथ आपकी-हमारी ये प्यार बदली !

Saturday, April 6, 2013

मुझे....


उसने मुझे दिल दिया उधार में,
मैंने उसका चूरन-चटनी बना के बेचा बाजार में !

Thursday, April 4, 2013

क्या हुआ जो सब हमसे दूर चले गये,
वो जो कभी,मेरे करीब थे ही नही,
दोस्त-दुश्मन हर शहर में बन जाते है,
मगर इस शहर में तो कोई कुछ बना ही नही ....(AMIT RAI)