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" जीतने वाले छोड़ते नहीं और छोड़ने वाले जीतते नही "

Saturday, May 25, 2013

तेरे सारे सवालो का !

                                         
धीरे-धीरे तेरे सारे सवालो का हल हो जाऊंगा,
तू मुझे सारे शहर में ढुंढ़ोगी मगर,
            मै तो तुम्हारे दिल में ही मिल जाऊंगा !(अमित राय)

Friday, May 10, 2013

तेरे बारे में....





रख दिया कलम,अब नही लिखूंगा तेरे बारे में,
तेरी फरेब की कहानी बड़ी है,
अब तो स्याही भी नही है कलम में !(अमित राय)

Thursday, May 9, 2013

अजनबी बनते देखा है....




हमने पत्थर को पिघलते देखा है,
तुमको नजर बदलते देखा है,
मिलेंगे कल तुमसे अजनबी बनकर,
क्योकि हमने तुम्हे अजनबी बनते देखा है.....(अमित राय )

Tuesday, May 7, 2013

मुझसे वो प्यार नही करती........


वो सुन नहीं सकती मेरी बुराई अपने सामने,
कर लेती है लड़ाई सबसे मेरे खातिर वो,
कहती है मुझसे वो प्यार नही करती,
मगर दुश्मनी भी सबसे कहाँ करती वो !

अमित राय

Friday, May 3, 2013

मैं तो स्याही हूँ.....


इक कलम चाहिये,तेरी सच्चाई लिखने के लिये,
मैं तो स्याही हूँ, तुझे काला कर दूंगा..............
तुम्हरा दोस्त भी हूँ,दुश्मन भी हूँ,
भरी महफ़िल में तुम्हे बदनाम कर दूंगा..........!(अमित राय)

Thursday, May 2, 2013

वो आयी थी


वो आयी थी हमसे मिलने मगर,
किसी और से मिलके गयी वो,
कह गयी,वादा किया था उनसे मिलने का मगर,
ज़माने को पता है, हमें आदत है वादा तोड़ने का !(अमित राय)

Wednesday, May 1, 2013

दुरिया बढ गयी ...


जिन्दगी में खुशियो की बहार आ गयी,
लगता है दोस्तों की दुआ कबूल हो गयी,
दोस्त, ये खुशिया इतनी बड़ी हो गयी,
जो हम दोनों की बीच की दुरिया बढ गयी !(अमित राय)