" जीतने वाले छोड़ते नहीं और छोड़ने वाले जीतते नही "
Tuesday, March 27, 2012
डाकू भेज दिए ..
"तोप, तमंचे, छुरे, कतरनी, पैने-चाकू भेज दिए ,
सरहद की रक्षा करने कई वीर लड़ाकू भेज दिए,
चम्बल के खेतों में अब तो कवितायें लहरातीं हैं ,
जितने भी थे हम ने चुन कर 'दिल्ली' डाकू भेज दिए ......[तेजनारायण बेचैन]
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